लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, 7-कालिदास मार्ग पर महान क्रांतिकारी, अद्वितीय पराक्रम, अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रभक्ति के प्रतीक अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती के अवसर पर उनके स्मृति-चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा विनम्र नमन किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद का त्याग, शौर्य और मातृभूमि की स्वतंत्रता के प्रति उनका अटूट समर्पण भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका संपूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित रहा और उन्होंने अपने अद्वितीय साहस, अदम्य आत्मबल तथा राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा से स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका प्रेरणादायी जीवन प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान और संघर्ष के कारण ही भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की। आज का भारत उनके सपनों के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। देश का प्रत्येक नागरिक उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्री मौर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश के सभी महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों, संतों, समाज सुधारकों और राष्ट्रनिर्माताओं का समान भाव से सम्मान करती है तथा उनके बताए आदर्शों और मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी गौरवशाली विरासत, स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और सांस्कृतिक धरोहरों को सम्मान देने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि वर्ष 1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद से लेकर अब तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश स्थित भाभरा (चंद्रशेखर आज़ाद की जन्मस्थली) का दौरा करने वाले पहले और एकमात्र प्रधानमंत्री हैं। यह उनके महान क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान, राष्ट्रवादी विचारधारा और स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रमाण है।
श्री मौर्य ने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी चंद्रशेखर आज़ाद के राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, त्याग और साहस से प्रेरणा लेकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनसेवा को जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बनाएं।








