• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

केतु के अशुभ प्रभावों को कम करता है ये रत्न, जानें धारण करने के नियम

Writer D by Writer D
18/02/2026
in धर्म, फैशन/शैली
0
Cats Eye

Cats Eye

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

रत्न ज्योतिष में लहसुनिया (Cats Eye) को केतु का रत्न माना गया है। इस रत्न को कैट आई भी कहा जाता है क्योंकि इसकी संरचना बिल्ली के आंखों के जैसे होती है। ज्योतिष के अनुसार, नकारात्मक ऊर्जाओं से छुटकारा पाने और मन की शांति के लिए लहसुनिया रत्न धारण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है, लेकिन इस रत्न का असर सभी पर एक समान नहीं होता है। इसलिए ज्योतिषीय सलाह के बिना लहसुनिया धारण करने से बचना चाहिए। साथ ही लहसुनिया पहनते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं लहसुनिया (Cats Eye) धारण करने के नियम और फायदे…

किसे पहनना चाहिए लहसुनिया (Cats Eye) ?

ज्योतिष के अनुसार, अगल कुंडली में केतु ग्रह कमजोर हो, तो ऐसी स्थिति में लहसुनिया पहन सकते हैं। इससे मन को शांति मिलेगी और किसी भी प्रकार का भय नहीं रहेगा। केतु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए लहसुनिया धारण करना लाभकारी माना गया है।

रत्न ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में केतु पहले, तीसरे, चौथे, पांचवे, नौवे और 10वें घर में हैं, ऐसे लोगों के लिए लहसुनिया धारण करना लाभकारी साबित हो सकता है।

अगर केतु के साथ सूर्य हो, तो ऐसी स्थिति में भी लहसुनिया धारण करने की सलाह दी जाती है।

केतु की अंतर्दशा और महादशा चलने पर भी लहसुनिया रत्न को धारण करना शुभ फलदायी माना गया है।

रत्न ज्योतिष के अनुसार, अगर व्यापार में बार-बार घाटा का सामना करना पड़ रहा है, तो ज्योतिषीय सलाह लेकर लहसुनिया पहन सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से रुके हुए कार्य चल पड़ते हैं।

अगर आप तनाव का सामना कर रहे हैं, तो मन की शांति के लिए भी लहसुनिया पहन सकते हैं।

किन्हें नहीं धारण करना चाहिए लहसुनिया (Cats Eye) ?

रत्न ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में राहु के दूसरे, सातवें, आठवें या 12 वें स्थान पर होने पर लहसुनिया (Cats Eye) न धारण करने की सलाह दी जाती है।

लहसुनिया को मोती, रूबी और पुखराज रत्न के साथ नहीं धारण करना चाहिए। इसे हीरे के साथ भी न पहनने की सलाह दी जाती है। इस हानि का सामना करना पड़ सकता है।

इसके साथ ही बिना ज्योतिषीय सलाह के लहसुनिया धारण करने की सख्त मनाही होती है। मान्यता है कि ऐसा करने से हार्ट और ब्रेन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

Tags: gems stonegemsology
Previous Post

यहां लगाएं फैमली फोटो, घर में होगी खुशहाली की एंट्री

Next Post

अगर आप भी पहनते है बार-बार उल्टे कपड़े, तो जानिए क्या है संकेत

Writer D

Writer D

Related Posts

Dark Underarms
फैशन/शैली

इन उपायों से दूर करें अंडरआर्म्स का कालापन

20/09/2026
Sunscreen
फैशन/शैली

सनस्क्रीन लगाते वक्त न करें ये गलतियां, स्किन हो जाएगी डैमेज

20/09/2026
Skin Tanning
फैशन/शैली

चेहरे की टैनिंग से है परेशान, आजमाए ये फेस मास्क

20/09/2026
Gemstones
Main Slider

राशि अनुसार धारण करें रत्न, जानें कौनसा रहेगा आपके लिए भाग्यशाली

20/09/2026
Papaya
फैशन/शैली

ये फल आपकी खूबसूरती में कर देगा इजाफा, ऐसे करें इस्तेमाल

20/09/2026
Next Post
You also wear your clothes upside down often

अगर आप भी पहनते है बार-बार उल्टे कपड़े, तो जानिए क्या है संकेत

यह भी पढ़ें

Brajesh Pathak-Akhilesh Yadav

ब्राह्मण वोट पर बिछी सियासी बिसात, यूपी चुनाव से पहले सपा-भाजपा में वार-पलटवार

08/08/2026
Shukra Pradosh

आज है सावन का पहला प्रदोश व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

05/08/2021
Uddhav Thackeray

उद्धव ठाकरे के आवास में मिला चार फीट लंबा किंग कोबरा, मचा हड़कंप

07/08/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version