आज 1 अगस्त 2026 (1 August) से देशभर में कई ऐसे नए नियम लागू (Rules Changed) हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर पड़ेगा। नए महीने की शुरुआत के साथ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव, इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग पर लेट फीस, रेलवे की तत्काल टिकट व्यवस्था, क्रेडिट कार्ड के नियम और CKYC 2.0 जैसी कई व्यवस्थाओं में संशोधन लागू हो गया है। ऐसे में इन बदलावों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर
हर महीने की तरह तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की है। इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 200 रुपये से अधिक की कटौती की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत 202 रुपये घटने के बाद अब 2,728 रुपये हो गई है, जबकि कोलकाता में 209 रुपये की कमी दर्ज की गई है।
हालांकि, घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले की तरह रोजाना तय होती रहेंगी।
ITR की समय सीमा खत्म, अब लगेगी लेट फीस
बिना ऑडिट वाले आयकर रिटर्न (ITR-1 और ITR-2) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। अब रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को आय के आधार पर निर्धारित लेट फीस का भुगतान करना होगा। इसलिए जिन लोगों ने अब तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है, उन्हें अतिरिक्त जुर्माने से बचने के लिए जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
क्रेडिट कार्ड के नियम बदले, बैंक ने लागू किए नए शुल्क
1 अगस्त से कई बैंकों ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। रिवॉर्ड पॉइंट्स, लेट पेमेंट चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों में संशोधन लागू हो गया है। ऐसे में कार्डधारकों को अपने बैंक की नई शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि भुगतान के समय किसी अतिरिक्त शुल्क का सामना न करना पड़े।
रेलवे में तत्काल टिकट के लिए टोकन सिस्टम, CKYC 2.0 भी लागू
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के आरक्षण केंद्रों पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और उसी क्रम में टिकट जारी किए जाएंगे, जिससे लंबी कतारों और अव्यवस्था पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
वहीं, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को अधिक सुरक्षित और सरल बनाने के उद्देश्य से CKYC 2.0 भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। नए सिस्टम के तहत ग्राहकों को बार-बार केवाईसी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और विभिन्न वित्तीय संस्थानों में सत्यापन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी।









