• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सोमवती अमावस्या पर बने रहे हैं शुभ योग, जानें स्नान-दान का महत्व

Writer D by Writer D
01/09/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Somvati Amavasya

Somvati Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

भाद्रपद माह में आने वाली अमावस्या तिथि को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) कहा जाता है। इसे भाद्रपद अमावस्या और पिठोरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान-दान के कार्य बेहद शुभ माने जाते हैं।

पंडित ऋभुकांत गोस्वामी के अनुसार, 02 सितंबर दिन सोमवार को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पड़ रही है। इस दिन सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) मनाया जाएगा। हालांकि, कुछ लोग 03 सितंबर को भौमवती अमावस्या मना रहे हैं। आइए जानते हैं भाद्रपद अमावस्या की सही डेट और स्नान-दान का महत्व …

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) का शुभ मुहूर्त :

दृक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 02 सितंबर को सुबह 05 बजकर 21 मिनट पर होगा और इसका समापन 03 सितंबर को सुबह 07 बजकर 54 मिनट पर होगा। इस बार भाद्रपद अमावस्या के दिन शिव योग और सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है।

02 सितंबर को शाम 06:20 बजे तक शिव योग का निर्माण होगा। वहीं, 03 सितंबर को सुबह 07:05 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, स्नान दान की अमावस्या सोमवती अमावस्या 2 सितंबर को होगा।

स्नान-दान का महत्व :

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) के दिन स्नान-दान के कार्यों का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और व्यक्ति से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के कार्य भी किए जाते हैं।

कहा जाता है कि इससे पितर तृप्ति मिलती है और उन्हें मोझ की प्राप्ति होती है। साथ ही पितर प्रसन्न होकर परिवार के सदस्यों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

Tags: Somvati Amavasya daanSomvati Amavasya Datesomvati amavasya snanSomvati Amavasya vratSomvati Amavasya2024somvati-amavasya
Previous Post

अब तक की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा में भाग लेकर खिले परीक्षार्थियों के चेहरे

Next Post

कब रखा रखा जाएगा ऋषि पंचमी का व्रत, जानें पूजा की सही विधि

Writer D

Writer D

Related Posts

Shivling
Main Slider

सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले जान लें सही विधि

04/08/2026
Hair Color
फैशन/शैली

चुने सही हेयर कलर, लगेंगी बेहद खूबसूरत

02/08/2026
Mutton Biryani
फैशन/शैली

इस रेसिपी से बनाएं मटन बिरयानी, स्वाद ऐसा की बार-बार होगी डिमांड

02/08/2026
Main Slider

बारिश में स्किन प्रॉबलम रहेंगी दूर, करें इन पत्तियों का इस्तेमाल

02/08/2026
Plants
फैशन/शैली

पौधों से सजाएं अपना आशियाना, यहां से लें टिप्स

02/08/2026
Next Post
Rishi Panchami

कब रखा रखा जाएगा ऋषि पंचमी का व्रत, जानें पूजा की सही विधि

यह भी पढ़ें

Suicide

युवक ने की फांसी लगाकर दी जान

18/11/2022
Isha Gupta

महाकुम्भ आकर हो रहा सनातनी होने का गौरव: ईशा गुप्ता

06/02/2025

डोनाल्ड ट्रंप को अब भी हार मंजूर नहीं, पेंटागन में बदलाव कहीं तख्ता पलट के संकेत तो नहीं

12/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version