• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

‘वोट के बदले नोट’ मामले में सुप्रीम फैसला, सांसदों और विधायकों को कानूनी छूट से इनकार

Writer D by Writer D
04/03/2024
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Supreme Court

Supreme Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार (4 मार्च, 2024) को ‘वोट के बदले नोट मामले’ (Note for Vote scam) में साल 1998 के फैसले को पलट दिया है। कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि सांसद और विधायकों को छूट नहीं दी जा सकती है। यह विशेषाधिकार के तहत नहीं आता है। अब अगर सांसद पैसे लेकर सदन में भाषण या वोट देते हैं तो उनके खिलाफ केस चलाया जा सकेगा। यानी अब उन्हें इस मामले में कानूनी छूट नहीं मिलेगी।

वोट के बदले नोट मामले (Note for Vote scam case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के चीफ जस्टिस (CJI) की अध्यक्षता वाली 7 जजों की बेंच ने यह साझा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सांसदों को अनुच्छेद 105(2) और विधायकों को 194(2) के तहत सदन के अंदर की गतिविधि के लिए मुकदमे से छूट हासिल है। कोर्ट ने साफ किया कि रिश्वत लेने के मामले में यह छूट नहीं मिल सकती है। कोर्ट की ओर से कहा गया कि इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि घूस लेने वाले ने घूस देने वाले के मुताबिक वोट दिया या नहीं। विषेधाधिकार सदन के साझा कामकाज से जुड़े विषय के लिए है। वोट के लिए रिश्वत लेना विधायी काम का हिस्सा नहीं है।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा कि हमने विवाद के सभी पहलुओं पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लिया है। क्या सांसदों को इससे छूट मिलनी चाहिए। इस बात से हम असहमत हैं और बहुमत से इसे खारिज करते हैं। उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव मामले में बहुमत का फैसला, जिससे रिश्वत लेने के लिए अभियोजन को छूट मिलती है। वह सार्वजनिक जीवन पर बड़ा प्रभाव डालता है।

जगन्नाथ मंदिर में गैर हिंदुओं ने किया प्रवेश, अनाधिकृत प्रवेश पर नौ बांग्लादेशी हिरासत में

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 1998 के नरसिम्हा राव के फैसले को पलट दिया है। 1998 में 5 जजों की संविधान पीठ ने 3:2 के बहुमत से तय किया था कि इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पलटने के चलते अब सांसद या विधायक सदन में वोट के लिए रिश्वत लेकर मुकदमे की कार्रवाई से नहीं बच सकते हैं।

Tags: delhi newsNational newsNote for VoteSupreme Court
Previous Post

जगन्नाथ मंदिर में गैर हिंदुओं ने किया प्रवेश, अनाधिकृत प्रवेश पर नौ बांग्लादेशी हिरासत में

Next Post

मातम में बदली खुशियां, शादी में जा रहे तीन भाई-बहन की मौत

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

सीएम योगी का उपहार: लखनऊ में दस लाख लोगों को मिलेगा अपना घर

24/09/2026
Main Slider

उत्तराखण्ड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है : मुख्यमंत्री

24/09/2026
उत्तराखंड

खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने 7.23 करोड़ की गौशाला का किया लोकार्पण, 108\.84 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास

24/09/2026
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने 306 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को दी मंजूरी

23/09/2026
उत्तराखंड

बद्रीनाथ में बना आस्था का नया कीर्तिमान

23/09/2026
Next Post
Car Accident

मातम में बदली खुशियां, शादी में जा रहे तीन भाई-बहन की मौत

यह भी पढ़ें

Scholarship

प्रदेश में 51 लाख छात्रों को 4260 करोड़ धनराशि वितरित करने का लक्ष्य

11/10/2021
AAP

AAP अकेले लड़ेगी दिल्ली चुनाव, केजरीवाल बोले- कांग्रेस संग गठबंधन की संभावना नहीं

11/12/2024
Jason Gillespie

कर्स्टन के हटते ही PCB ने लिया बड़ा फैसला, इस दिग्गज को बनाया वनडे-टी20 का कोच

28/10/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version