• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

संस्कृत को जाने बगैर भारतीय संस्कृति की महत्ता को जाना नहीं जा सकता

Writer D by Writer D
10/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Governor Anandiben

Governor Anandiben

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि संस्कृत भाषा को जाने बिना भारतीय संस्कृति की महत्ता को जाना नहीं जा सकता और यह देव भाषा है और भारत की आत्मा है।

श्रीमती पटेल ने आज यह बातें संस्कृत भारती, अवध प्रान्त की ओर से शनिवार को राजभवन में स्मारिका ‘अवधसम्पदा’ के लोकार्पण के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि, मुझे विश्वास है कि संस्कृत भारती द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘अवध सम्पदा’ देव भाषा संस्कृत को और आगे ले जाने में अपनी विशिष्ट भूमिका का निर्वहन करेगी।

उन्होंने कहा कि देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक, दार्शनिक, ऐतिहासिक और सामाजिक जीवन का विकास संस्कृत भाषा में ही समाहित है। भारत की प्रतिष्ठा में संस्कृत एवं संस्कृति ही मूलभूत तत्व हैं। संस्कृत साहित्य वास्तव में ज्ञान का भण्डार है। कहा कि, संस्कृत को जाने बिना भारतीय संस्कृति की महत्ता को जाना नहीं जा सकता।

यूपी में ब्लांइड एंड पैरा जूडो की इंटरनेशनल अकादमी की होगी स्थापना: अवनीश अवस्थी

राज्यपाल ने कहा कि, संस्कृत वस्तुतः हमारी संस्कृति का मेरूदण्ड है, जिसने हजारों वर्षों से हमारी अनूठी भारतीय संस्कृति को न केवल सुरक्षित रखा है, बल्कि उसका संवर्धन तथा पोषण भी किया है। यह भाषा हमारी वैचारिक परम्परा, जीवन दर्शन, मूल्यों व सूक्ष्म चिन्तन की वाहिनी है। हमारे देश की हजारों सालों की वैचारिक प्रज्ञा को समझने के लिए संस्कृत ही एक माध्यम है।

उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को नई शिक्षा नीति में विशेष स्थान प्राप्त हुआ है। नई शिक्षा नीति के तहत संस्कृत की प्रासंगिकता को नई दिशा मिल सकती है। स्कूली शिक्षा में अब त्रि-भाषा सूत्र चलेगा। इसमें संस्कृत के साथ तीन अन्य भारतीय भाषाओं का विकल्प होगा। इससे आज की युवा पीढ़ी संस्कृत भाषा के अध्ययन-अध्यापन से लाभान्वित होगी।

श्रीमती पटेल ने कहा कि नई शिक्षा नीति से संस्कृत भाषा को मजबूती मिलेगी, संस्कृत आधुनिक विज्ञान की भाषा है। आज देश में कई गांव ऐसे हैं, जहां सम्पूर्ण संस्कृत भाषा का आचरण होता है। हम सभी को संस्कृत भाषा के प्रचार के लिए प्रयासरत होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में संस्कृत के लिए जो प्रावधान किए गये हैं, उनमें त्रि-भाषा की मुख्य धारा में विकल्प के साथ विद्यालय और उच्चतर शिक्षा के सभी स्तरों पर संस्कृत का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। फाउंडेशन और मिडिल लेवल पर सरल संस्कृत की पुस्तकें, माध्यमिक कक्षा तक संस्कृत पढ़ाई जाएगी। उच्चतर शिक्षा की मजबूती के लिए समकालीन विषयों जैसे गणित, खगोल शास्त्र, दर्शन शास्त्र, नाटक, योग आदि के साथ संस्कृत विश्वविद्यालय बहुविषयी संस्थान बनेंगे। सभी भाषाओं का शिक्षण नवीन, अनुभवात्मक, एप्स, सांस्कृतिक पहलुओं एवं वास्तविक जीवन के अनुभवों के साथ कराया जाएगा।

उप्र के MSME को मिला ‘डिजिटल एक्सीलेंस’ अवार्ड, नवनीत सहगल को दिया गया सम्मान

इसके साथ ही नैतिक मूल्यों पर जोर दिया जाएगा। पंचतंत्र, हितोपदेश, जातकों की कहानियां पढ़ाये जाने के साथ सभी भारतीय भाषाओं में ई-कन्टेन्ट, सॉफ्टवेयर, ई-सामग्री तैयार की जायेगी।

राज्यपाल ने कहा कि जिम्मेदार लोग नवीन शिक्षा नीति के अनुसार संस्कृत भाषा तथा साहित्य के विस्तार की व्यापक कार्य योजना तैयार करें। कार्य योजना का निर्माण आधुनिक संदर्भों में किया जाए, जिससें संस्कृत में विद्यमान महान ज्ञान सम्पदा को अधिकत्तम लोगों तक पहुंचाया जा सके।

इसके पूर्व संस्कृत भारती के प्रान्त अध्यक्ष शोभन लाल उकील ने स्वागत तथा सचिव कन्हैया लाल झा ने संगठन की संगठनात्मक ढांचा को विस्तार से बताते हुए कहा कि संस्कृत भारती का प्रयास है कि संस्कृत भाषा सबके मुख में हो। संस्कृत का सर्वत्र सम्मान है। कार्यक्रम का संचालन संगठन मंत्री डॉ. गौरव नायक तथा आभार ज्ञापन जितेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। इसमें बृजेश, साधना, अनुज, रत्नेशमणि,डॉ. आलोक धवन, डॉ. वन्दना रॉय, गिरीश गुप्ता, हनुमत, मुकेश आहूजा इत्यादि उपस्थित रहे।

Tags: anandiben patelup news
Previous Post

पीएम मोदी की हर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लीडर : शेखावत

Next Post

ऐसे लोगों से दूर होने में ही है भलाई, अन्यथा हो जाएंगे बर्बाद

Writer D

Writer D

Related Posts

Fever
Main Slider

मौसमी बुखार से तुरंत निजात दिलाएंगे ये उपचार

06/09/2026
Dandruff
Main Slider

डैंड्रफ हो जाएगी गायब, करें इस फल का इस्तेमाल

06/09/2026
Main Slider

बारिश में स्किन प्रॉबलम रहेंगी दूर, करें इन पत्तियों का इस्तेमाल

06/09/2026
Digital Liabrary
उत्तर प्रदेश

गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रही योगी सरकार, डिजिटल लाइब्रेरी से लेकर पंचायत उत्सव भवन तक पर जोर

05/09/2026
Sports Science and Injury Management Centre being built in Lucknow
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का खेल प्रतिभाओं को बड़ा तोहफा, लखनऊ में बन रहा स्पोर्ट्स साइंस एंड इंजरी मैनेजमेंट सेंटर

05/09/2026
Next Post
chanakya niti

ऐसे लोगों से दूर होने में ही है भलाई, अन्यथा हो जाएंगे बर्बाद

यह भी पढ़ें

tea

खाना खाने के बाद न करें गलती, होते हैं ये नुकसान

15/04/2024
hair

बेजान बालों की चमक के लिए करें ये कारगार उपाय

13/07/2025

दिल्ली विश्वविद्यालय में आज से ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा शुरू

10/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version