• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मनुष्य का ये एक गुण जीवन को बना सकता है अच्छा और बुरा

Desk by Desk
24/07/2020
in Main Slider, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। हम लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भरे ही नजरअंदाज कर दें लेकिन ये वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार मनुष्य की वाणी पर आधारित है।

“मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।” आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब है कि मनुष्य की वाणी जहर और अमृत दोनों की खान है। आचार्य चाणक्य के कहने का अर्थ है कि मनुष्य के व्यक्तित्व में उसकी भाषा बहुत अहमियत रखती है। मनुष्य की पर्सनैलिटी में बोली अहम भूमिका निभाती है। जब भी कोई व्यक्ति किसी के बारे में बात करता है तो उसके चाल-चलन और रहन-सहन के अलावा जिस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान देता है वो है बात करने का तरीका। अपने टैलेंट के अलावा व्यक्ति अपनी भाषा के आधार पर भी लोगों के बीच अपनी पहचान बनाता है।

अगर किसी व्यक्ति में सब कुछ अच्छा है लेकिन उसकी भाषा ठीक नहीं है तो सब कुछ बेकार है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाषा में मिठास से आप किसी का भी दिल आसानी से जीत सकते हैं। हर कोई आपसे बात करना चाहेगा और आपका समाज में भी बहुत नाम होगा। इसके ठीक उलट अगर किसी के बातचीत करने का तरीका ठीक नहीं है तो लोग उसे खराब नजरिए से ही देखते हैं। फिर चाहे आप कितने भी गुणवान क्यों न हो। अगर बोली ही ठीक नहीं है तो लोग आपसे कटने लगेंगे। यहां तक कि लोगों के बीच आपका मान-सम्मान भी समय के साथ कम होता जाएगा।

जिस तरह धनुष से निकला हुआ तीर वापस नहीं लिया जा सकता उसी तरह मुंह से बोले हुए बोल वापस नहीं लिए जा सकते हैं। कुछ भी बोलने से पहले हमेशा पहले सोचें और फिर बोले। मनुष्य अपने शब्दों के जरिए जहर और उन्हीं शब्दों के जरिए लोगों के दिलों में मिठास भी घोल सकता है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

कैसे हुई नागपंचमी की शुरुआत, जानिए इससे जुड़ी खास बातें

Next Post

लव-जिहाद : दोहरा हत्याकांड में हिन्दू जागरण मंच ने की CBI जांच की मांग

Desk

Desk

Related Posts

Ceiling Fan
फैशन/शैली

चुटकियों में साफ हो जाएगी सीलिंग फैन पर जमा गंदगी, बहुत काम का है ये हैक्स

27/09/2026
Lipstick
फैशन/शैली

लिपस्टिक लगाते समय न करें ये गलतियां

27/09/2026
Hair Wash
Main Slider

इस दिन नहीं धोने चाहिए बाल, घर में आती है दरिद्रता

27/09/2026
Dark chocolate milkshake
फैशन/शैली

बच्चों के लिए बनाएं डार्क चॉकलेट मिल्क शेक, खुशी से उछल जाएंगे

27/09/2026
men fashion
फैशन/शैली

पुरुषों के बैग में ये चीजे होनी ही चाहिए

27/09/2026
Next Post
हिन्दू जागरण मंच

लव-जिहाद : दोहरा हत्याकांड में हिन्दू जागरण मंच ने की CBI जांच की मांग

यह भी पढ़ें

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 12.63 लाख के पार, रिकवरी दर 75.64 फीसदी

23/09/2020
Jagannath Temple Corridor

जगन्नाथ मंदिर कॉरिडोर का जनवरी में उद्घाटन, चार धाम समेत दुनियाभर के 1000 मंदिरों को न्यौता

17/12/2023
Buttermilk

गर्मियों में करें छाछ का सेवन, सेहत के लिए होता है फायदेमंद

28/05/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version