• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

वट सावित्री पूर्णिमा कब है, जानें सही पूजा विधि

Writer D by Writer D
05/06/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का खास महत्व होता है। ज्येष्ठ माह में आने वाली पूर्णिमा को वट सावित्री (Vat Savitri) पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। उत्तर भारत में यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या के दिन व्रत सावित्री का व्रत किया जाता है। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों में वट सावित्री पूर्णिमा व्रत ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर रखा जाता है, लेकिन इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि दो दिन लग रही है ऐसे में वट सावित्री पूर्णिमा व्रत और ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत को लेकर असमंजस की स्थिति है।

वट सावित्री (Vat Savitri) पूर्णिमा व्रत कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। ऐसे में ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि का व्रत 10 जून को करना उचित माना जा रहा है।

वट सावित्री (Vat Savitri) पूर्णिमा पूजा विधि

वट पूर्णिमा (Vat Savitri) के दिन सुहागिन महिलाएं पूजा के लिए बांस की दो टोकरियां लेकर एक में सात प्रकार के अनाज, कपड़े के दो टुकड़ों से ढक कर रखा जाता है। वहीं दूसरी टोकरी में मां सावित्री की प्रतिमा रखकर धूप, दीप, अक्षत, कुमकुम, मौली आदि से पूजा की जाती है। पू

जा के दौरान वट वृक्ष पर सुहागिन महिलाओं को रोली, कुमकुम, हल्दी, लगाने के साथ ही कच्चा सूत लपेटकर वट वृक्ष की 7, 11 या फिर 21 बार परिक्रमा करनी चाहिए।इसके साथ ही दीपक भी जलाना चाहिए।पूजा के बाद महिलाओं को सावित्री और सत्यवान की कथा सुननी चाहिए। ऐसा करने से व्रती महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य का वर प्राप्त होता है।

Tags: Vat Savitri Purnima
Previous Post

गंगा दशहरा पर इस विधि से घर पर करें गंगा स्नान, जानें महत्व

Next Post

Ganga Dussehra: आज शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, पूरी होगी हर इच्छा

Writer D

Writer D

Related Posts

Dark Underarms
फैशन/शैली

इन उपायों से दूर करें अंडरआर्म्स का कालापन

20/09/2026
Sunscreen
फैशन/शैली

सनस्क्रीन लगाते वक्त न करें ये गलतियां, स्किन हो जाएगी डैमेज

20/09/2026
Skin Tanning
फैशन/शैली

चेहरे की टैनिंग से है परेशान, आजमाए ये फेस मास्क

20/09/2026
Gemstones
Main Slider

राशि अनुसार धारण करें रत्न, जानें कौनसा रहेगा आपके लिए भाग्यशाली

20/09/2026
Papaya
फैशन/शैली

ये फल आपकी खूबसूरती में कर देगा इजाफा, ऐसे करें इस्तेमाल

20/09/2026
Next Post
Shivling

Ganga Dussehra: आज शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, पूरी होगी हर इच्छा

यह भी पढ़ें

अयोध्या सबको आना चाहिए, भगवान राम सब के हैं : मनीष सिसोदिया

13/09/2021

जनता की समस्याओं का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता, शिथिलता बरतने पर अधिकारियों पर होगी कठोर कार्रवाई: केशव प्रसाद मौर्य

22/09/2026
प्रियंका गांधी का मायावती पर तंज Priyanka Gandhi's taunt on Mayawati

मायावती के पिता के निधन पर सीएम योगी,प्रियंका व अखिलेश यादव ने जताया शोक

19/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version