• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश

Writer D by Writer D
06/05/2025
in उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
Yogi Cabinet

Yogi Cabinet

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट (Cabinet) की बैठक में मंगलवार को 1600 मेगावाट क्षमता की तापीय परियोजना से कुल 1500 मेगावॉट ऊर्जा बिड प्रॉसेस के माध्यम से 25 वर्षों तक खरीदने का निर्णय लिया गया है। बिडिंग प्रक्रिया में सबसे कम टैरिफ दर (5.38 रुपए प्रति यूनिट) की पेशकश करने वाली निजी कंपनी को परियोजना के लिए चुना गया है। इससे यूपी पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) को 25 वर्षों में लगभग 2958 करोड़ रुपए की बचत होगी।

योगी सरकार की इस नई पहल से उत्तर प्रदेश को साल 2030-31 से 1500 मेगावॉट बिजली बेहद सस्ती दर पर मिलने लगेगी। यह नई परियोजना मौजूदा और आगामी तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं ज्यादा किफायती है। जहां जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर, पनकी जैसी परियोजनाओं से बिजली 6.6 रुपए से लेकर 9 रुपए प्रति यूनिट तक मिल रही है, वहीं DBFOO के तहत प्रस्तावित इस परियोजना के तहत 2030-31 में प्लांट के कमीशन होने के बाद बिजली सिर्फ 6.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी।

25 वर्षों के लिए होगा एग्रीमेंट

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (AK Sharma) ने कैबिनेट (Cabinet) के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा की मांग को पूरा करने और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने कुछ ऊर्जा बिडिंग प्रोसेस से खरीदने का निर्णय किया है। उसी कड़ी में 1600 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर हम आगे बढ़े हैं। हमारी शर्त थी कि जब यह प्लांट उत्तर प्रदेश में लगेगा तभी बिजली खरीदेंगे। प्रक्रिया के तहत जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन इश्यू किया था, जिसमें 7 कंपनियां आई थीं। इनमें से 5 कंपनियों ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (फाइनेंशिय बिड) में हिस्सा लिया।

पांचों कंपनियों में जिस निजी कंपनी का कोटेशन सबसे लोएस्ट था उसके साथ निगोशिएन के बाद उन्होंने फिक्स्ड चार्ज में 3.727 रुपए प्रति यूनिट और फ्यूल चार्ज में 1.656 रुपए प्रति यूनिट समेत कुल टैरिफ 5.38 प्रति यूनिट की न्यूनतम बिड पेश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसी टैरिफ पर 25 वर्षों की अवधि के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) हस्ताक्षरित किया जाएगा।

सार्वजनिक संयंत्रों से भी सस्ती पड़ेगी बिजली

उन्होंने बताया कि इसी निजी कंपनी ने पिछले साल अगस्त में महाराष्ट्र के साथ भी इसी प्रकार की प्रक्रिया की थी। उसकी अपेक्षा भी हमारी डील उससे कुछ सस्ती है। यही नहीं, इससे पहले भी हमारे बड़े पावर परचेज एग्रीमेंट्स हुए हैं, उसकी अपेक्षा भी मौजूदा डील सस्ती है। सार्वजनिक क्षेत्र के जो हमारे पावर प्लांट्स हैं उनकी भी बिजली का जो अनुबंध हुआ है उनकी अपेक्षा भी यह वर्तमान प्रक्रिया की बिजली काफी सस्ती पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 2030-31 में जब पावर प्लांट तैयार होगा तब भी टैरिफ 6.10 रुपए पड़ेगा जो हमारे सार्वजनिक संयंत्रों की बिजली से सस्ता होगा।

ऊर्जा संकट से निपटने की ठोस योजना

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी। इसके साथ ही 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है। तापीय ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए DBFOO मॉडल के तहत बिड प्रक्रिया शुरू की गई।

2030-31 में परियोजना होगी शुरू

यह तापीय परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 में शुरू हो जाएगी। इससे न सिर्फ बेस लोड ऊर्जा की जरूरत पूरी होगी, बल्कि राज्य में उद्योगों व घरेलू उपभोक्ताओं को भी स्थिर और सस्ती बिजली मिल सकेगी।

क्या है DBFOO मॉडल?

डीबीएफओओ (DBFOO) यानी डिजाइन (Design), बिल्ड (Build), फाइनेंस (Finance), ओन (Own) और ऑपरेट (Operate) एक ऐसी प्रणाली है जिसमें निजी कंपनी परियोजना का निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन खुद करती है। सरकार सिर्फ कोयला लिंकेज देती है और बिजली खरीदती है।

Tags: yogi cabinet
Previous Post

CM धामी ने 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट का किया शुभारंभ, इन इलाकों में मिलेगी सेवाएं

Next Post

पाकिस्तानी सेना के वाहन पर IED हमला, मेजर सहित छह जवान मारे गए

Writer D

Writer D

Related Posts

August 9: Kakori Train Action Day Special
उत्तर प्रदेश

9 अगस्त: काकोरी ट्रेन एक्शन-डे स्पेशल

09/08/2026
CM Yogi issues directives for regular inspection of school vehicles.
उत्तर प्रदेश

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, परिवहन विभाग करेगा नियमित जांच

08/08/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

आजीविका मिशन से मिला प्रशिक्षण तो श्वेता ने अर्जित किया सम्मान

08/08/2026
AK Sharma
उत्तर प्रदेश

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री का बड़ा बयान, मेरे भविष्य का फैसला महादेव या मोदी जी करेंगे

08/08/2026
Kanwar
उत्तर प्रदेश

अग्नि-5 थीम की कांवड़ बनी सावन यात्रा का आकर्षण

08/08/2026
Next Post
IED Blast

पाकिस्तानी सेना के वाहन पर IED हमला, मेजर सहित छह जवान मारे गए

यह भी पढ़ें

BJP leader dies after getting wrong injection

गलत इंजेक्शन लगाने से बीजेपी नेत्री की मौत, बेटी बोली- मां की डेडबॉडी को जिंदा बताकर सौंप दिया

03/04/2025
Dead Bodies

गीजर ने ले ली मासूम की जान, नहाते वक़्त हुईं मौत

03/02/2022
tiranga

हनुमान चालीसा के उच्चारण के साथ सीएम पुष्कर ने सबसे ऊंचे राष्ट्रध्वज को फहराया

02/10/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version