• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ISRO जासूसी कांड : जिस वैज्ञानिक को कहा था देश का गद्दार, उन्हें मिला 1.30 करोड़ मुआवजा

Desk by Desk
12/08/2020
in राजनीति, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। केरल सरकार ने ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन को ढाई दशक पुराने उस जासूसी मामले के निपटारे के लिए 1.30 करोड़ रुपए का अतिरिक्त मुआवजा दिया। पिछले साल दिसंबर में ही केरल राज्य कैबिनेट ने इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस नांबी नारायणन को 1.30 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मंजूरी दे दी थी।

ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन (79) द्वारा तिरुवनंतपुरम में सत्र न्यायालय में 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले में उनकी गिरफ्तारी ‘अनावश्यक’ थी और उन्हें फंसाया गया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 50 लाख रुपए की अंतरिम राहत देेने का आदेश दिया था।

दर्दनाक हादसा : चलती बस में लगी आग, बच्चे समेत 5 लोगों की झुलसकर मौत

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि नांबी नारायणन इससे ज्यादा के हकदार हैं और वे उचित मुआवजे के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं। इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी उन्हें 10 लाख रुपए की राहत देने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केरल सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव के. जयकुमार को इस मामले को देखने और एक सटीक मुआवजा राशि तय करने और मामले का निपटारा करने को कहा था। बाद में अदालत के समक्ष उनके सुझाव प्रस्तुत किए गए और एक समझौता किया गया। केरल सरकार द्वारा मुआवजे की राशि का चेक स्वीकार करते हुए नांबी नारायणन ने कहा कि मैं खुश हूं। यह केवल मेरे द्वारा लड़ी गई लड़ाई धन के लिए नहीं है। मेरी लड़ाई अन्याय के खिलाफ थी।

इसरो जासूसी मामला दो वैज्ञानिकों और दो मालदीवियन महिलाओं सहित चार अन्य लोगों द्वारा दुश्मन देशों को काउंटी के क्रायोजेनिक इंजन प्रौद्योगिकी के कुछ गोपनीय दस्तावेजों और सीक्रेट के हस्तांतरण के आरोपों से संबंधित है। नंबी नारायणन के खिलाफ साल 1994 में दो कथित मालदीव के महिला खुफिया अधिकारियों को रक्षा विभाग से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप लगा था। नारायण को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। 2 माह तक उन्हें जेल में ही रहना पड़ा था।

देश में कोरोना से 46 हजार से ज्यादा की मौत, संक्रमितों की संख्या 23 लाख के पार

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि नारायणन को काफी यातनाएं दी गईं। इतना ही नहीं, वर्षों तक जब तक इन्हें न्याय नहीं मिला और बेकसूर साबित नहीं हुए, तब तक इन्हें देश का गद्दार तक कहा गया। यह मामला उस वक्ता काफी गरमाया हुआ था। इस इसरो जासूसी सनसनीखेज मामले को लेकर कई किताबें लिखी गईं। नारायणन को पिछले साल पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।नारायणन के मुताबिक, उनके सहयोगी और दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने आरोप मुक्त होने के बाद मुकदमे से बचने की सलाह दी थी। लेकिन वह गुनाहगारों को सजा दिलाने और मुआवजा पाने के फैसले पर अडिग थे।

कहा जाता है कि यह प्रकरण राजनीतिक खींचतान का नतीजा था। इस मुद्दे पर कांग्रेस के एक वर्ग ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के करुणाकरण को निशाना बनाया। इस वजह से उन्हें बाद में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसरो के वैज्ञानिक नांबी नारायणन को उस गुनाह के लिए सजा और जिल्लत झेलनी पड़ी, जो कभी हुई ही नहीं। केरल पुलिस ने उन्हें रॉकेट के क्रायोजेनिक इंजन की परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की चोरी कर मालदीव के रास्ते पाकिस्तान देने के आरोप में गिरफ्तार किया। जबकि सच्चाई यह थी कि वह तकनीक मौजूद ही नहीं थी।

Tags: 1994 espionage caseformer ISRO scientistISROISRO espionage caseKeralaKerala governmentS Nambi NarayananSupreme Courtभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
Previous Post

चीन से बातचीत से हल निकलने में लग सकता है वक्त, सेना किसी भी हालात के लिए तैयार

Next Post

स्वतंत्रता दिवस पर प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ‘एट होम रिसेप्शन’ सूची हुई छोटी

Desk

Desk

Related Posts

CM Dhami released the book ‘Uttarakhand at 25’
Main Slider

नीति निर्माण में शोध और नवाचार को मिले प्राथमिकता, योजनाओं के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन हो: सीएम धामी

03/09/2026
Rajnath Singh-CM Dhami
Main Slider

चम्पावत में पूर्व सैनिकों के लिए खुलेगा ECHS पॉलीक्लिनिक, रक्षा मंत्री ने दिया उचित विचार का भरोसा

03/09/2026
Banchaura protest ends after CM Dhami's assurance
Main Slider

सीएम धामी के आश्वासन के बाद 17 दिन से चल रहा बनचौरा धरना समाप्त

03/09/2026
CM Dhami extends Janmashtami greetings.
Main Slider

मुख्यमंत्री धामी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, बोले- श्रीकृष्ण का जीवन सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा

03/09/2026
Raghav Chadha
Main Slider

पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा का नाम गायब, जानिए क्या जाएगी राज्यसभा सदस्यता

03/09/2026
Next Post
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द

स्वतंत्रता दिवस पर प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ‘एट होम रिसेप्शन’ सूची हुई छोटी

यह भी पढ़ें

69 thousand teacher recruitment candidates surrounded the residence of Deputy CM

‘केशव चाचा न्याय करो…’ 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने घेरा डिप्टी सीएम का आवास

19/08/2025
CM Dhami

मुख्यमंत्री ने सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

24/03/2026
dr. deepa sharma

मौत से पहले प्रकृति की खूबसूरती दिखा रही थी डॉ. दीपा, पीएम मोदी ने जताया दुख

26/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version