• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

‘151 साल की विरासत का अंत…’, बंद हो रही कोलकाता की ट्राम तो भावुक हुए लोग

Writer D by Writer D
27/09/2024
in राजनीति, राष्ट्रीय
0
Trams

Trams

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता की ट्राम (Trams) सर्विस न सिर्फ ट्रांसपोर्ट मोड है बल्कि ये 150 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर भी है। लोगों का इससे खास जुड़ाव रहा है और ये कोलकाता को अलग पहचान भी देता है।

लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने एस्प्लेनेड से मैदान तक एक हिस्से को छोड़कर इस सेवा को बंद करने का फैसला किया है। राज्य के परिवहन मंत्री स्नेहासिस चक्रवर्ती ने कहा कि सरकार पर्यटन उद्देश्यों के लिए इस एक मार्ग को बहाल करेगी। लेकिन इस फैसले पर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ और लोगों ने बताया कि यह कैसे शहर की विरासत का हिस्सा रहा है।

‘धीमी गति से चलने वाली ट्राम (Trams) के कारण’

परिवहन मंत्री ने स्वीकार किया कि ट्राम (Trams) बेशक कोलकाता की विरासत का एक हिस्सा है, जिसे 1873 में पेश किया गया था और पिछली शताब्दी में परिवहन में इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार से कहा, ‘हम आज या कल से ट्रामवे बंद नहीं कर रहे हैं। हम लोगों की भावनाओं को समझते हैं। लेकिन धीमी गति से चलने वाली ट्रामों के कारण भीड़भाड़ हो रही है।’

‘151 साल की विरासत का अंत’

सरकार के इस कदम पर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन दिए हैं और अपने असंतोष जाहिर किया है। एक यूजर ने लिखा,’एक युग का अंत… कोलकाता ट्राम (Trams) की 151 साल की विरासत का अंत हो गया.. जैसे ही इस प्रतिष्ठित अध्याय पर पर्दा पड़ा, हमने इतिहास के एक टुकड़े को अलविदा कह दिया। आने वाली पीढ़ियां ट्राम को केवल फीकी तस्वीरों और पुरानी कहानियों के माध्यम से ही जान पाएंगी। आरआईपी कोलकाता ट्राम।’ एक अन्य व्यक्ति ने कहा, कोलकाता में विरासत परिवहन के 150 साल पूरे: ट्राम बंद की जा रही है। कोलकाता की सड़कों पर उन्हें याद करूंगा।’

‘मिटा सकते हैं तो इतिहास को संरक्षित क्यों करें?’

सरकार के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए, एक व्यक्ति ने तंज करते हुए कहा, ‘विरासत और स्थिरता के प्रतीक, कलकत्ता के सदियों पुराने ट्राम को बंद करने वाली शक्तियों को शाबाशी। इसे आधुनिक बनाने के बजाय, उन्होंने इसे नष्ट होने देना चुना- जब आप इसे मिटा सकते हैं तो इतिहास को संरक्षित क्यों करें? जब अराजकता चरम पर हो तो पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की आवश्यकता किसे है? कोलकाता शहर की आत्मा का एक और टुकड़ा, बिना एक बार भी सोचे त्याग दिया गया।’

सिर्फ नागरिक ही नहीं, यहां तक ​​कि कोलकाता ट्राम (Trams) यूजर एसोसिएशन ने भी इस फैसले के खिलाफ अपनी राय व्यक्त की और कहा,’विश्व स्तर पर 450 से अधिक शहर ट्राम चलाते हैं, और 70+ शहरों ने बंद होने के बाद उन्हें वापस ला दिया है। कोलकाता की तुलना में अधिक जनसंख्या घनत्व और कम सड़कों वाले शहरों में ट्राम को फिर से शुरू किया गया है! कोलकाता क्यों नहीं कर सकता? ट्राम की जगह ऑटो और पार्किंग ने ले ली है। किसके हित साधे जा रहे हैं।’

डेंगू के डंक से कराहा यूपी, मलेरिया और चिकनगुनिया का भी बढ़ा प्रकोप

इस बीच, रिपोर्टों से पता चलता है कि मामला वर्तमान में कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष है, जिसने पिछले साल एक सलाहकार समूह नियुक्त किया था और एक रिपोर्ट का अनुरोध किया था कि कोलकाता में ट्राम सेवाओं को कैसे बहाल, बनाए रखा और संरक्षित किया जा सकता है।

बता दें कि भारत में ट्राम की स्थापना 19वीं सदी के अंत में हुई थी। 1873 में, घोड़ा-चालित ट्राम (Trams) पहली कोलकाता में शुरू की गई थी। कोलकाता शहर पिछले 150 वर्षों से इस हेरिटेज ट्रांसपोर्ट का गवाह रहा है। ट्राम (Trams) हमेशा पर्यावरण के अनुकूल है और परिवहन के अन्य रूपों पर हावी रही है।

2011 में, कोलकाता शहर में 37 ट्राम रूट थे। 2013 में, इनको घटाकर 27 कर दिया गया। 2017 में, ट्राम मार्ग को फिर घटाकर केवल 15 कर दिया गया। 2018 में ये 8 रह गए। कोविड के बाद की स्थिति में, ट्राम मार्गों की संख्या घटकर केवल 2 रह गई। साल 2011 में ट्राम में 70 से 75 हजार यात्री सफर करते थे।

Tags: Kolkata newsNational newsTrams
Previous Post

डेंगू के डंक से कराहा यूपी, मलेरिया और चिकनगुनिया का भी बढ़ा प्रकोप

Next Post

आतंकवाद और सिंध नदी का जल प्रवाह साथ-साथ नहीं चल सकताः सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति, सीएम धामी बोले- आठ दशक का इंतजार अब होगा खत्म

15/09/2026
बिहार

राष्ट्र के विकास को गति देने में अभियंताओं का योगदान महत्वपूर्ण: नीतीश कुमार

15/09/2026
राजस्थान

राजस्थान निकाय चुनाव ने 2028 का मूड बताया, BJP सबसे बड़ी पार्टी लेकिन कांग्रेस भी करीब

15/09/2026
CM Dhami
Main Slider

चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

15/09/2026
उत्तराखंड

स्व. गिरिजा शंकर जोशी को सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि

14/09/2026
Next Post
CM Yogi

आतंकवाद और सिंध नदी का जल प्रवाह साथ-साथ नहीं चल सकताः सीएम योगी

यह भी पढ़ें

CM योगी ने सपा पर बोला हमला, कहा- आज कुछ लोगों के सपने में श्रीकृष्ण आएंगे और..

04/01/2022
Rahul Gandhi

राहुल गांधी का मोदी पर हमला, कहा- वैक्सीन की कमी एक समस्या है, उत्सव नहीं

09/04/2021
bada mangal

दूसरे बड़े मंगल पर शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, भोलेनाथ के साथ बजरंगबली का भी मिलेगा आशीर्वाद

20/05/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version