रूस के सुदूर पूर्वी अमूर क्षेत्र में चीन की सीमा के पास स्थित अमूर गैस केमिकल कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को भीषण आग लग गई। हादसे में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 चीनी नागरिक शामिल हैं। वहीं, 9 अन्य चीनी कर्मचारियों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। आग पर काबू पा लिया गया है और राहत-बचाव अभियान जारी है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्वोबोदनी इलाके के पास स्थित कॉम्प्लेक्स की मुख्य पाइरोलिसिस यूनिट के एक सहायक तकनीकी हिस्से में अंतिम टेस्टिंग और कमीशनिंग के दौरान विस्फोट हुआ। इसके बाद वहां आग भड़क गई और कुछ ही देर में परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
कंपनी के अनुसार, हादसे में मुख्य उपकरणों को नुकसान नहीं पहुंचा है। आग लगने के बाद कुछ तकनीकी गैसों का नियंत्रित तरीके से जलना जारी रहा, जबकि इमरजेंसी टीमें मौके पर तैनात रहीं। आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता की भी लगातार निगरानी की जा रही है।
100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की रिपोर्ट
हादसे में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्ट में अस्पताल में भर्ती घायलों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन बाद में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की बात सामने आई। हालांकि, मृतकों और घायलों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्लांट प्रशासन ने 6 चीनी नागरिकों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, 9 चीनी कर्मचारियों के लापता होने के बाद उनकी तलाश के लिए बचाव दल अभियान चला रहे हैं।
रूस-चीन की बड़ी साझेदारी वाला प्रोजेक्ट
अमूर गैस केमिकल कॉम्प्लेक्स रूस की पेट्रोकेमिकल कंपनी सिबुर और चीन की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी सिनोपेक का संयुक्त प्रोजेक्ट है। इसमें सिबुर की 60 फीसदी और सिनोपेक की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। यह दुनिया की बड़ी प्रस्तावित पॉलिमर उत्पादन परियोजनाओं में शामिल है।
अधिकारियों ने फिलहाल किसी बाहरी ड्रोन हमले या अन्य हमले की आशंका से इनकार किया है। हादसे की जांच के लिए विशेष आयोग का गठन किया गया है। शुरुआती जांच में औद्योगिक सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन के पहलू को भी शामिल किया गया है।









