• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मनुष्य के अंदर कूट कूट कर नहीं भरी होनी चाहिए ये एक चीज

Desk by Desk
28/10/2020
in Main Slider, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार आज के समय में भी प्रासांगिक हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफलता चाहता है तो उसे इन विचारों को जीवन में उतारना होगा। आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक विचार का विश्लेषण करेंगे। आज का ये विचार ईमानदारी पर आधारित है।

“किसी भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा ईमानदार नहीं होना चाहिए। जंगल में सीधे तने वाले पेड़ ही सबसे पहले काटे जाते हैं। बहुत ज्यादा ईमानदार व्यक्ति को ही सबसे ज्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं।” आचार्य चाणक्य

आचार्य चाणक्य के इस कथन का मतलब ईमानदारी से है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को ईमानदार नहीं होना चाहिए। जंगल में सीधे तने वाले पेड़ ही सबसे पहले काटे जाते हैं। बहुत ज्यादा ईमानदार व्यक्ति को ही सबसे ज्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं।

आचार्य चाणक्य के कथन का अर्थ आप परिवार और नौकरी दोनों से ही जोड़कर देख सकते हैं। ईमानदार होना जरूरी है लेकिन हद से ज्यादा कोई भी चीज हानिकारक होती है। ठीक इसी प्रकार ईमानदारी भी है। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा ईमानदार है तो सबसे पहले दुष्परिणाम उसे ही भुगतने पड़ते हैं।

उदाहरण के तौर पर इस कथन को अब नौकरी से जोड़कर देखिए। कई बार आपके बॉस गलत होते हैं आपको ये बात पता भी होता है चूकि वो आपके सीनियर हैं इस लिहाज से आपको कई बार अपनी ईमानदारी को ताक पर रखना ही ठीक है। उस वक्त ईमानदारी आपकी नौकरी पर भी भारी पड़ सकती है। इसी ईमानदारी को अब परिवार से जोड़कर देखिए। जिस तरह हाथ की सभी उंगलियां एक समान नहीं होती ठीक उसी प्रकार घर के सभी लोग स्वभाव, विचार से अलग-अलग होते हैं।

कई बार परिवार के मुखिया को घर को बचाने के लिए ईमानदारी को ताक पर रखकर परिवार की भलाई के लिए कुछ झूठ भी बोलने पड़ते हैं। ऐसा करना परिवार की एक जुटता को बरकरार रखने के लिए एकदम सही कदम है। इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि ज्यादा ईमानदारी वाले शख्स को ज्यादा कष्ट उठाने पड़ते हैं।

Tags: chanakyachanakya nitichanakya niti in hindichanakya niti life lessonschanakya niti quoteschanakya quoteschanakya storiesJeevan Mantrashort note on chanakyaचाणक्य नीतिचाणक्य ने अनमोल विचार
Previous Post

अपराध को लेकर राज्य में न कभी कोताही बरती और न बरतेगी : नीतीश

Next Post

जानें कब है करवा चौथ का व्रत? अखंड सौभाग्य के लिए पूजा का मुहूर्त एवं महत्व

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

दुर्गा पंडालों में सुरक्षा की हो समुचित व्यवस्थाः मुख्यमंत्री

18/10/2026
Akshay Kumar met CM Dhami
Main Slider

सीएम धामी से मिले अक्षय कुमार, उत्तराखण्ड की फिल्म नीति पर चर्चा

18/10/2026
Main Slider

सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है नारीशक्ति का जीवन: CM Yogi

18/10/2026
Gemstones
Main Slider

राशि अनुसार धारण करें रत्न, जानें कौनसा रहेगा आपके लिए भाग्यशाली

18/10/2026
black elbow
फैशन/शैली

कोहनियां हो गई है काली, तो ट्राई करें ये घरेलू उपाय

18/10/2026
Next Post
karwa chauth

जानें कब है करवा चौथ का व्रत? अखंड सौभाग्य के लिए पूजा का मुहूर्त एवं महत्व

यह भी पढ़ें

Guru Dev

गुरु बृहस्पति की पूजा में करें ये खास जाप, भरा रहेगा धन-धान्य

06/03/2025

राधा अष्टमी पर राधारानी के 108 नाम के मंत्रो का करें जाप

19/09/2026
Four children drowned in the pond

किसान की बांध में डूबकर मौत

15/09/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version