उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से साइबर अपराध का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम जनता की सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस महकमे को भी चिंता में डाल दिया है। लखनऊ में लोगों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली एक महिला दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) खुद शातिर साइबर ठगों (Cyber Crime) का शिकार हो गई हैं। जालसाजों ने महिला दरोगा का मोबाइल फोन हैक करके उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1.64 लाख रुपये उड़ा लिए। इस घटना के बाद से यह गंभीर सवाल उठने लगा है कि जब खुद पुलिस अधिकारी साइबर अपराधियों के जाल से सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता के पैसे और डेटा कैसे सुरक्षित रह सकेंगे।
‘ऑटो अपडेट’ के नाम पर हैक और फॉर्मेट हुआ फोन
पीड़ित महिला दरोगा वर्तमान में लखनऊ के बख्शी का तालाब (BKT) थाने में उप निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि बीती 4 जून की दोपहर करीब 1:45 बजे उनका मोबाइल फोन अचानक ‘ऑटो अपडेट’ होने लगा। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह फोन का कोई सामान्य सिस्टम अपडेट है, इसलिए उन्होंने ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लगभग एक घंटे तक यह प्रक्रिया चलती रही और जब फोन दोबारा चालू हुआ, तो वह पूरी तरह से फॉर्मेट (रीसेट) हो चुका था।
गूगल पे के जरिए दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की रकम
फोन चालू होने और बैंक मैसेज देखने पर महिला दरोगा को ठगी का अहसास हुआ। हैकर्स ने उनके फोन का एक्सेस लेकर गूगल पे (Google Pay) के माध्यम से दो अलग-अलग बैंकों से पैसे ट्रांसफर कर लिए थे:
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बैंक ऑफ बड़ौदा: इस खाते से 99,000 रुपये निकाले गए।
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भारतीय स्टेट बैंक (SBI): इस खाते से 65,000 रुपये पार कर दिए गए।
जांच में सामने आया कि कुल 1.64 लाख रुपये की इस राशि को गूगल पे के जरिए शुभम भारती और आकाश कुमार नाम के व्यक्तियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।
खाते फ्रीज होने से पहले ही चेक से निकाल ली गई रकम
साइबर ठगी (Cyber Crime) की जानकारी मिलते ही पीड़ित उप निरीक्षक ने तुरंत तत्परता दिखाई और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराकर दोनों आरोपी खातों को फ्रीज (लेनदेन पर रोक) करवा दिया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जांच के दौरान पता चला कि ठगी के 99,000 रुपये जिस शुभम भारती के खाते में ट्रांसफर हुए थे, उसने खाता फ्रीज होने से ठीक पहले लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित एक्सिस बैंक (Axis Bank) की शाखा से चेक के माध्यम से वह पूरी रकम कैश (नकद) निकाल ली थी।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी के मामले में पीड़ित महिला दरोगा की लिखित तहरीर के आधार पर संबंधित थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के विवरण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शुभम भारती और आकाश कुमार की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।









