• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भाजपा सरकार के चार दिन ही बचे है, किसान धोखे का जवाब वोट से देगें : अखिलेश

Writer D by Writer D
16/02/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
अखिलेश यादव Akhilesh Yadav

अखिलेश यादव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा महंगाई और फसल का दाम न मिलने से दोहरी मार झेल रहे किसानों के मामले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संवेदनहीनता का परिचय दे रही है।

श्री यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि किसान को उम्मीद थी उसको भाजपा नेताओं के वादो के अनुसार फसल की लागत का डयोढ़ा मूल्य मिल जाएगा और उसकी आय दुगुनी भी हो जायेगी। उसने भी सपना देखा था कि अब वह भी खुशहाल जिंदगी जिएगा लेकिन धोखेबाज सरकार के मुखिया अधूरे वादों के साथ जनता के बीच झूठी बयानबाजी में व्यस्त है।

उन्होने कहा कि चार साल में गन्ने के दाम एक रूपया भी न बढ़ाने वाली भाजपा सरकार के चार दिन ही बचे है। किसान धोखे का जवाब अपने वोट से देगें। चालू सीजन में भी गन्ने की सामान्य, अगेती व अस्वीकृत प्रजाति का मूल्य क्रमशः 315,325 और 310 रूपए क्विंटल ही रहेगा।

आठ मादक तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ढाई करोड़ का गांजा बरामद

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसान कितनी बदहाली में जी रहा है इससे स्पष्ट है कि इस समय चीनी मिलों पर प्रतिदिन दो करोड़ रूपया बकाया हो रहा है। 14 दिन के बाद किसान की अवशेष राशि बकाया श्रेणी में आ जाती है। अब तक प्रदेश में गन्ना किसानों का लगभग 10,174 करोड़ रूपये का बकाया हो चुका है। इसके साथ कानूनी तौर पर ब्याज देय होता है, जो नहीं दिया जा रहा है। परेशान गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर हो जाता है।

उन्होने कहा कि 2012 में सपा सरकार ने अस्तित्व में आने के बाद एक मुश्त गन्ने की राज्य परामर्श कीमत में 40 रूपये की वृृद्धि की गई थी। समाजवादी सरकार ने किसानो की कर्जमाफी के साथ मुफ्त सिंचाई सुविधा दी थी। किसानों के लिए पेंशन तथा फसल बीमा की भी व्यवस्था की गई थी। समाजवादी सरकार की कृषिपरक नीतियों को भाजपा ने बर्बाद कर दिया है।

बसपा को लगा बड़ा झटका, कई नेता समाजवादी पार्टी में हुए शामिल

श्री यादव ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा किसानों के हितो के लिए संघर्षशील रही है। किसान यात्रा, समाजवादी किसान घेरा, ट्रैक्टर के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम समाजवादी पार्टी ने हाल में किसानों के समर्थन में किए थे। आगे भी किसानों की हर मांग के साथ समाजवादी रहेगे।

Tags: akhilesh yadavup newsUP Politics
Previous Post

मेनका बोली- अवध क्षेत्र का केन्द्र होगा संघ का विभाग कार्यालय

Next Post

स्वतंत्रदेव बोले- केन्द्र सरकार के बजट पर जनता ने लगायी मुहर

Writer D

Writer D

Related Posts

Hanuman
Main Slider

मंगलवार को हनुमान जी को अर्पित करें ये चीजें, दूर हो जाएंगे जीवन के सभी कष्ट

21/07/2026
Budh Dev
Main Slider

24 जुलाई से बुधदेव चलेंगे सीधी चाल, अटके हुए काम अब पकड़ेंगे रफ्तार

21/07/2026
Lips
Main Slider

होंठों का कालापन दूर करने के लिए करें ये उपाय

21/07/2026
Hair Mask
Main Slider

बालों की हर समस्या का इलाज है ये मास्क

21/07/2026
Garlic Pickle
Main Slider

इस अचार का स्वाद होता है लाजवाब, बनाकर जरूर देखें

21/07/2026
Next Post

स्वतंत्रदेव बोले- केन्द्र सरकार के बजट पर जनता ने लगायी मुहर

यह भी पढ़ें

CM Vishnu Dev Sai

CM साय ने ढाबा में किया भोजन, स्थानीय व्यंजन का लिया स्वाद; आमजन से जाना हालचाल

27/05/2025
Nitish Kumar

नितीश कुमार ने सैफई पहुंचकर मुलायम सिंह को दी श्रद्धांजलि, अखिलेश को बंधाया ढांढस

12/10/2022

सीएम पुष्कर से अखिल भारतीय राष्ट्रीय गोरखा मोर्चा पार्टी के अध्यक्ष ने की भेंट

30/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version